थाना नीमच केंट की हवालात से भागने वाले एक आरोपी को 02 माह का कारावास एवं जुर्माना।

नीमच। श्री मनीष कुमार पारीक, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा लूट के एक प्रकरण में रिमाण्ड पर लिए आरोपी के पुलिस थाना नीमच केंट की हवालात से भाग जाने का दोषी पाकर 02 माह के कारावास एवं 500रू. जुर्माने से दण्डित किया। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी ए.डी.पी.ओ. रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 16 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 07.06.2003 रात के 03ः45 बजे की हैं। पुलिस नीमच केंट द्वारा लूट के एक प्रकरण में तीन आरोपीयों को न्यायालय के आदेश से रिमाण्ड पर लिया था, जिनको थाना नीमच केंट की लोहे की जाली वाली खुली हवालात में बंद किया हुआ था। रात को मौका पाकर तीनो आरोपी जाली को काटकर, कंबल के सहारे से भाग गये। ड्यूटी पर तैनात आरक्षक विरेन्द्रसिंह को पता चलने पर आरोपीयों के विरूद्ध थाना नीमच केंट में अपराध क्रमांक 253/03, धारा 224 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। पुलिस नीमच केंट द्वारा विवेचना के दौरान तीनों आरोपीयों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। तीन आरोपीयों में से एक आरोपी के प्रकरण का पूर्व में निराकरण हो गया तथा एक बाल अपचारी होने से बाल न्यायालय में उसका विचारण चला तथा एक आरोपी रतन का विचारण चला। श्रीमती कीर्ति चाफेकर, ए.डी.पी.ओ. द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में नीमच केंट में ड्यूटी ऑफिसर सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी के हौसले इतने बढ गये हैं कि वह पुलिस हिरासत से भाग गया, इसलिए उसे कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री मनीष कुमार पारीक, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपी रतन पिता हेमाजी कालबेलिया, उम्र-22, निवासी-मंगलवाड़ चौराहा के पास, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) को धारा 224 भादवि (पुलिस कस्टडी से भागना) में 02 माह के कारावास व 500रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की और से पैरवी श्रीमति कीर्ति चाफेकर, एडीपीओ द्वारा की गई।