आरक्षक ने फांसी लगाई, सुसाइड नोट में लिखा- भैयाजी मैं बहुत दूर जा रही हूं, आप मेरी जगह जॉब कर लेना!

जावरा. सिटी थाने में पदस्थ महिला आरक्षक आशा धाकड़ ने सोमवार को पुलिस कॉलोनी स्थित आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया। आरक्षक आशा पिता रामप्रसाद धाकड़ (28) मूलत: नीमच जिले के कंजार्डा गांव की रहने वाली थी। उसकी पदस्थापना 3 जुलाई 2012 को जावरा में हुई। ट्रेनिंग के बाद वे जावरा सिटी, आईए व पिपलौदा थाने में पदस्थ रही। अभी सालभर से सिटी थाने में पदस्थ थीं। आरक्षक ने एक चिट्ठी छोड़ी है, जिसमें लिखा है भैय्याजी मेरी जगह तुम मेरी जॉब करना।

पुलिस के अनुसार मृतका की रतलाम में हुए गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह की परेड में ड्यूटी लगी थी। इसी की रिहर्सल व ड्यूटी के लिए 17 जनवरी को ही आशा यहां से रतलाम चली गई थी। वहां ड्यूटी पूरी करने के बाद सोमवार सुबह 9.30 बजे वापस आई और थाने पर आमद दी। इसके बाद पुलिस कॉलोनी स्थित सरकारी आवास पर चली गई। वहां आशा के साथ इनकी कजिन सिस्टर मधु व तारा भी रहती है। ये दोनों कजिन सिस्टर यहां प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है।

 

सोमवार सुबह 11 बजे मधु व तारा दोनों कोचिंग के लिए गई थी। शाम 4.45 बजे दोनों बहने कोचिंग से वापस आई तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। ये पीछे जाली वाले दरवाजे से अंदर गई तो आशा फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। जिंदा होने की उम्मीद में आनन-फानन में आशा को फंदे से नीचे उतारा और थाने पर सूचना दी। एसडीओपी डीआर माले, सिटी टीआई एससी शर्मा मौके पर पहुंचे। आशा के आत्महत्या की खबर सुनते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

 

टीआई शर्मा की जुबां पर यही शब्द थे कि साहसी और काम के प्रति हमेशा तत्पर रहने वाली आशा ऐसा कैसे कर सकती है। पुलिस ने एफएसएल को सूचना दी और पंचनामा बनाकर शव सिविल अस्पताल भिजवाया। नीमच के कंजार्डा में रहने वाले परिजन को सूचना दी। देररात भाई शीतल धाकड़ व परिजन यहां पहुंचे। मंगलवार सुबह पीएम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया।

 

चिट्ठी में लिखा मंत्री जी को दो लाख देने हैं : पुलिस को मौके पर एक पुस्तक के बीच से आरक्षक के हाथों लिखी हुई चिट्टी मिली है। इसमें लिखा है कि मैं आप सबकी परेशानी बन गई हूं। अब मैं आप सभी को छोड़कर बहुत दूर जा रही हूं। भैया जी आप मेरी जगह जॉब करना। फिर कोई आपको काम चोर या कुछ काम नहीं करता ऐसा नहीं कहेगा। आपकी शादी भी हो जाएगी।

आरक्षक ने आगे लिखा - शीतल भैया जीजी (मां) आपको बहुत प्यार और फिक्र करती है। मेरे जाने के बाद उनका ध्यान रखना। जीजी मेरे जाने के बाद तू बहुत रोएगी पर तू मत रोना, आप सभी के जीवन में खुशियां लाने के लिए ही मैं आप सभी से दूर जा रही हूं। चिट्टी में बैंक बैलेंस के 30 हजार, दो बीमे, एक एफडी व लॉकर में ज्वैलरी रखी होने की बात भी लिखी है। इसी चिट्टी के सबसे आखिर में एक लाइन लिखी है कि भैया जी मैं एक बात और भूल गई, वो मंत्री जी को दो लाख रुपए देना है। सब को बाय-बाय...।

 

ये मंत्री कौन है.., पारिवारिक परेशानी थी या अन्य कोई कारण : चिट्‌टी में किसी मंत्री को दो लाख रुपए देना बताया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत सचिव को भी मंत्री कहा जाता है। पुलिस पता लगाएगी कि यह मंत्री कोई पंचायत सचिव है या नेता। चिट्टी में बड़े भाई शीतल धाकड़ की फिक्र है। उसकी सर्विस नहीं लगी तथा शादी बाकी है। ऐसे में पारिवारिक परेशानी को ध्यान में रखते हुए जांच होगी। ऐसी भी चर्चा है कि आशा की भी शादी की तैयारी परिजन कर रहे थे। संभवत: वह इससे खुश नहीं थी और इसे लेकर परिवार में मनमुटाव चल रहा था। कहीं ये कारण तो नहीं है। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।


दु:खद घटना है, आत्महत्या के पीछे के असल कारण की जांच की जाएगी : एसडीओपी माले व सिटी टीआई शर्मा ने कहा घटना दु:खद है। मन आहत है लेकिन इस आत्महत्या के पीछे के असल कारणों की जांच की जाएगी। प्रारंभिक चर्चा में परिजन व भाई ने किसी तरह की परेशानी बयां नहीं की। सबका कहना है सबकुछ अच्छा चल रहा था। फिर अचानक क्या हुआ। मौके पर मिली चिट्टी में दिए तथ्यों के साथ ही अन्य बिंदुओं पर जांच करेंगे। चिट्ठी में किस मंत्री का जिक्र है, इसके बारे में परिजन से एक-दाे दिन बाद जानकारी लेंगे।