किराएदार और नौकर की जानकारी नहीं दी तो 2 साल जेल

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब किराएदार और नौकर का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। कलेक्टर भोपाल ने इस संबंध में धारा 144 लागू कर दी है। अब भी यदि आप जानकारी नहीं देते हैं तो पुलिस कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन की धारा 188 के तहत केस दर्ज कर सकती है। इसके तहत दो साल तक की सजा और जुर्माना का प्रावधान है। 

किराएदार या नौकर की जानकारी के लिए बनाया गया नया फॉर्म आप अपने नजदीकी थाने से ले सकते हैं। इसमें किए गए सवालों के जवाब भरकर फॉर्म थाने में जमा करना होगा। ये फॉर्म एएसपी जोन-2, एमपी नगर स्थित आईटी सेल से नि:शुल्क भी लिया जा सकता है। चाहें तो फॉर्म आप घर से [email protected] पर भी ई-मेल कर सकते हैं। थाना स्टाफ ये फॉर्म आईटी सेल को मुहैया करवा देगा। देश के सभी थाने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के जरिए आपस में जुड़े हैं। 

आईटी सेल ई-मेल के जरिए उक्त फॉर्म उस थाने को भेजेगी, जहां का किराएदार या नौकर मूलत: रहने वाला है। ई-मेल के जरिए ही उक्त व्यक्ति की आपराधिक जानकारी पुलिस को मिल जाएगी। इस व्यवस्था के तहत अब तक शहर के करीब 3400 से ज्यादा मकान मालिक अपने किराएदार की सूचना पुलिस को दे चुके हैं।