मोदी सरकार की योजना में हो रही खुली धांधली, नपा के अधिकारी, ठेकेदार और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत, नीमच में केंद्र की करोडों की योजनाओं में हो रहा भारी घालमेल!

(प्रितेश सारड़ा)

नीमच। केंद्र की मोदी सरकार भ्रष्टाचार कम करने के कितने ही दावे कर ले लेकिन उनकी अपनी ही पार्टी और सत्ता मंे काबिज लोग ही उन्हें मुंह चिढा रहे हैं। नीमच में तो केंद्र की योजनाओं के जरिए खुलेआम घालमेल किया जा रहा है। आम जनता चिल्ला चिल्ला कर थक गई लेकिन ठेकेदार, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के गठजोड के चलते किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। 

इस तरह लगाया जा रहा योजना को पलीता-

नीमच शहर में केंद्र सरकार के अमृत सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 65 करोड की सीवरेज लाइन योजना स्वीकृत हुई। इसमें हर गली में गंदे पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालकर पूरे शहर की गंदगी के निस्तारण की व्यवस्था की जाना है। मजे की बात यह है कि योजना के अंतर्गत जो काम किए जाने हैं उनमें जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के कारण ठेकेदार पूरी तरह मनमानी कर रहे हैं। नगरपालिका के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को यह पता था कि सीवरेज प्रोजेक्ट में दो पाइप लाइन डाली जाना है, फिर भी पहले से ही उन इलाकों में सीसी रोड बनवा दिए गए। फिर दोबारा सीसी रोड के निर्माण के नाम पर करोडों के खेल के चक्कर में नपा ने उन्हे खुदवाना शुरू कर दिया। एक बार सडक या गली में एक तरफ की पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई करवा दी जाती है तो कुछ दिनों बाद सडक के दूसरे छोर को खोदकर फिर लाइन डाली जा रही है। इसके बाद फिर सीसी या सडक का दोबारा काम के नाम पर मोटे बिलों की सरकार से वसूली। महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि कई काॅलोनियों में सीवरेज लाइन के साथ उसकी गंदी गैस की निकासी के लिए पाइप डाले ही नहीं गए। विभिन्न काॅलोनियों के लोगों ने इसकी शिकायतें की, यहां तक की पार्षद भी खुलकर आरोप लगा रहे हैं लेकिन अधिकारियों, नपा के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों के गठजोड के चलते किसी भी मामले की न तो जांच हो रही है और न ही काॅलोनियों में सही ढंग से काम हो रहे हैं। जानकारी यह भी मिली है कि सीवरेज योजना, जल आवर्धन योजना और सडकों के निर्माण योजनाओं में नगरपालिका के कार्यकाल के अंतिम दौर में खुलकर मंजा सूता जा रहा है। 

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