जमानत मिलने पर फरार होने वालें आरोपी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माना।

नीमच। श्री नीरज मालवीय, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा एक आरोपी को जमानत मिलने पर नियत पेशी को न्यायालय में उपस्थित न होकर फरार हो जाने के आरोप का दोषी पाकर 01 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया।जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी रमेश डांगी के विरूद्व विशेष न्यायालय नीमच में एन.डी.पी.एस. का एक प्रकरण विचाराधीन था जिसमें उसकों दिनांक 05.01.2015 को जमानत पर रिहा किया गया था। इसके बाद नियत पेशीयों पर आरोपी उपस्थित नहीं हुआ, जिससे उसको फरार घोषित कर स्थाई गिरफ्तारी वारण्ट किया गया। बाद में पुलिस नीमच केंट द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरूद्व अपराध क्रमांक 355/17, धारा 229ए भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।श्रीमती निधि शर्मा, ए.डी.पी.ओ. द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी पर मादक पदार्थो की तस्करी के गंभीर आरोप है ओर उसको जमानत मिलने पर वह फरार हो गया, इसलिए आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री नीरज मालवीय, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा आरोपी रमेश पिता धनराज डांगी, उम्र-33, निवासी-ग्राम देवरी, जिला चित्तौडगढ़ (राजस्थान) को धारा 229ए भादवि (जमानत की शर्तो का पालन न कर फरार हो जाना) में 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की और से पैरवी श्रीमती निधि शर्मा, एडीपीओ द्वारा की गई।