पुलिस की गिरफ्त से भागने वाले आरोपी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास।

नीमच। श्री नीरज मालवीय, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा एक आरोपी को पुलिस की अभिरक्षा से भागने के आरोप का दोषी पाकर 01 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी शाकिर हुसैन को थाना रायपुर जिला पाली (राजस्थान) के एसआई आशोक सिंह एनडीपीएस के एक मामले में गिरफ्तार किया था और विवेचना के लिए उसे फोर्स सहित नीमच में दिनांक 12.09.2011 को लेकर आये थे। नीमच में सुबह 07ः30 बजे प्राईवेट स्टेण्ड स्थित सुलभ शौचालय पर आरोपी मौके का फायदा उठाकर पुलिस फोर्स के सदस्यों को धक्का देकर संकरी गलियों में से होकर फरार हो गया। राजस्थान पुलिस द्वारा आरोपी के फरार होने की रिपोर्ट पुलिस थाना नीमच केंट पर की, जिस पर से अपराध क्रमांक 427/17, धारा 224 भादवि का पंजीबद्ध किया गया। बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया श्रीमती निधि शर्मा, ए.डी.पी.ओ. द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में राजस्थान पुलिस फोर्स के सदस्यो सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी पुलिस फोर्स के सदस्यो के कब्जे से भागा हैं जो उसकी आपराधिक प्रावृत्ति को दर्शाता हैं, इसलिए उसे कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री नीरज मालवीय, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा आरोपी शाकिर पिता जाकिर हुसैन, उम्र-25, निवासी-ग्राम धामनिया, थाना जावद, जिला नीमच को धारा 224 भादवि (पुलिस के गिरफ्त से भाग जाना) में 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 1,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की और से पैरवी श्रीमती निधि शर्मा, एडीपीओ द्वारा की गई।