मरते दम तक जेल में रहेगा बच्ची से रेप और हत्या का दोषी -सुप्रीम कोर्ट!

सुप्रीम कोर्ट ने मध्‍य प्रदेश के सतना में पांच साल की बच्‍ची से रेप और उसकी हत्‍या के दोषी सचिन सिंगरहा की फांसी की सज़ा को उम्र कैद में बदल दिया है. जबलपुर हाईकोर्ट ने उसे फांसी की सज़ा सुनायी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने दोषी सचिन को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाते हुए कहा, सचिन सिंगरहा 25 साल तक जेल में ही रहेगा. 25 साल से पहले उसे रिहा नहीं किया जाएगा. जबलपुर हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची से रेप औऱ हत्या के मामले में सचिन को दोषी पाते हुए उसे फांसी की सज़ा सुनायी थी. कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट के इस फैसले को सचिन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

2016 में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर याचिका में दोषी की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट द्वारा फांसी की सजा की पुष्टि के फैसले को चुनौती देने के लिए उसे कानूनन मिलने वाला 90 दिन का समय नहीं दिया गया था. उसे फांसी देने के लिए 30 मार्च को डेथ वारंट जारी कर दिया गया था.
ये मामला 23 फरवरी 2015 का है. सतना के इटमा गांव में 5 साल की बच्ची से सचिन सिंगरहा ने रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी. वारदात के वक्त बच्ची का भाई अपनी छोटी बहन को स्कूल छोड़ने जा रहा था. रास्ते में गांव के ही मैजिक चालक सचिन सिंगरहा मिला. भाई ने अपनी बहन को सचिन के मैजक टैम्पो में बैठा दिया और उसे स्कूल पहुंचाने के लिए कहकर घर लौट गया. लेकिन सचिन ने बच्ची को स्कूल ना छोड़ कर उसके साथ रेप किया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी थी.