लोकसभा चुनाव: केबल नेटवर्क संचालकों के लिए गाइडलाइन!

भोपाल। लोकसभा निर्वाचन 2019 के मद्देनजर सभी केबल नेटवर्क संचालकों को निर्देशित किया है कि वे भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार केबल नेटवर्क प्रसारण में निर्धारित कोड का पालन करें। केबल नेवटर्क संचालक आगामी लोकसभा निर्वाचन के दौरान आदर्श आचरण संहिता का भी कड़ाई पालन करें। 

लोकसभा निर्वाचन के दौरान कार्यक्रम प्रसारण करने की सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदाय की गई अनुमति पत्र की प्रमाणित प्रतिलिपि जिला स्तरीय एमसीएमसी के सदस्य सचिव (जनसम्पर्क अधिकारी) को प्रस्तुत करनी होगी। केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम 1995 के विभिन्न प्रावधानों का कड़ाई से पालन करना होगा तथा प्रतिदिन प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की 24 घंटे की सीडी बनाकर जिला स्तरीय एमसीएमसी के सदस्य सचिव को प्रस्तुत करनी होगी। निर्वाचन 2018 के दौरान एमसीएमसी टीम आपके द्वारा प्रसारित होने वाले समाचार, कार्यक्रमों की 24 घण्टे निगरानी करेगी। निगरानी के दौरान किसी अभ्यर्थी विशेष के पक्ष में प्रसारित कार्यक्रम, समाचार को पेड न्यूज घोषित किया जा सकता है। केबल नेटवर्क अधिनियम 1995 की धारा 5 एवं 6 के अंतर्गत निर्मित विज्ञापन कोड के नियम 3 के तहत कोई ऐसा विज्ञापन अनुज्ञात नहीं किया जाएगा जिसका उद्देश्य पूर्णतः या मुख्यतः धार्मिक या राजनैतिक प्रकृति के हैं। केबल नेटवर्क अधिनियम 1995 के उपरोक्त प्रावधानों के तहत केबल टेलीविजन पर राजनैतिक प्रकार का विज्ञापन प्रसारित नहीं किया जा सकेगा। लोकसभा निर्वाचन 2018 के दौरान केबल नेटवर्क पर प्रसारित कार्यक्रम, समाचार कंटेन्ट आदर्श आचरण संहिता तथा केबल नेटवर्क विनियमन 1995 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो, ऐसी स्थिति में प्राधिकृत अधिकारी द्वारा केबल नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम 1995 की धारा 11 के अंतर्गत संबंधित केबल टेलीविजन नेटवर्क के परिपालन के लिये प्रयुक्त होने वाले उपकरणों को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।