एमएस साॅल्वेक्स के कारनामे के कारण बैंकों पर भी गिर सकती है गाज, लेनदेन की भी हो रही है जांच!

नीमच। फर्जी कंपनी बनाकर सोयाबीन डीओसी की विदेशों में निर्यात कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाने के मामले में बैंकों पर भी गाज गिर सकती है। बैंकों में हुए लेनदेन को भी वाणिज्यिक कर और पुलिस ने जांच के दायरे में लिया है। वाणिज्यिक कर विभाग के विशेष दस्ते द्वारा 2017 में की गई स्क्रूटनी में एमएस साॅल्वेक्स के फर्जीवाड़े की पोल खुली थी। जिसमें पता चला था कि सोयाबीन की डीओसी यानि खलचुरी का विदेश में निर्यात फर्जी ढंग से खुलवाए गए खातों के आाधार पर बड़े पैमाने पर किया गया है। खाताधारी से जब वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ की तो प्रकाश वर्धानी का नाम आया। लेकिन प्रकाश वर्धानी ने जांच एजेंसियों को यह बताकर चौका दिया कि फर्जी ठंग से खाते खुलवाए गए और यह फर्जीवाड़ा किया गया है। इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वालों में संजय चोपड़ा, अंकित अग्रवाल, नवीन अग्रवाल और मनीष चोपड़ा शामिल बताए गए। इस चौकड़ी  के फर्जी कारनामे के कारण जांच एजेंसियों के अनुसंधान के दायरे में बैंक भी हैं। इस पूरे खेल को अंजाम देने के लिए एक्सिस बैंक, आईडीबीआई बैंक, बैंक आॅफ बड़ोदा और एचडीएफसी बैंक में खाते खुलवाने की जानकारी मिली है। कुछ बैंकों से बड़ा ट्रांजिक्शन भी हुआ है। हालांकि बैंकों के प्रबंधकों का कहना है कि जांच में जो भी होगा सब सामने आएगा, वे जांच एजेंसियों को सहयोग करेंगे। जानकारी मिली है कि दो बैंकों में तत्कालीन समय के अधिकारियों की भूमिका संदेह के दायरे में हैं।