कमरे में बंद करके 14 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 09 वर्ष का सश्रम कारावास। 

मनासा। श्री अखिलेश कुमार धाकड़, अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा द्वारा एक आरोपी को 14 वर्ष की नाबालिग बालिका को कमरे बंद करके छेड़छाड़ करने के आरोप का दोषी पाकर 09 वर्ष 04 माह के सश्रम कारावास एवं कुल 1,500रू. के जुर्माने से दण्डित किया।

 

जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 01 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 29.01.2018 दिन के 3ः30 बजे ग्राम भाटखेड़ी की है। पीड़िता 14 वर्ष की अव्यस्क बालिका है। घटना दिनांक को वह कबड्डी देखने जा रही थी तो आरोपी ने उसे बुलाकर 5 रूपये देकर बिस्कीट लेकर उसके घर आने को कहा। जब पीड़िता बिस्कीट लेकर आरोपी के घर देने गयी तो आरोपी ने पीडिता को बहाने से उसके घर के अंदर बुला लिया और दरवाजा अंदर से बंद करके बुरी नियत से पीडिता के कपड़े उतारकर जबरदस्ती छेड़छाड़ करने लगा, इसी दौरान पीडिता बुआ के लडके ने दरवाजा खटखटाया तो आरोपी ने पीडिता को जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया और उसके बुआ के लडके को कहा कि पीडिता यहा नही है और घर का दरवाजा बाहर से बंद करकर वहा से चला गया। शंका होने पर लगभग 1 घण्टे बाद पीडिता के पिता व काका ने आरोपी के घर का दरवाजा खुलवाया तो पीडिता वहा मिली और उसने उसके साथ हुई घटना बतायी। पीडिता के साथ हुई घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना मनासा में लिखाई, जिस पर से अपराध क्रमांक 32/18, धारा 354(ख), 506, 342 भादवि तथा धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस मनासा द्वारा पीड़िता का मेडिकल कराकर एवं  उसके उम्र संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।

 

श्री जगदीश चौहान, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा अभियोजन की ओर से 14 वर्षीय नाबालिग पीड़िता, उसके पिता-काका, पीडिता को नाबालिक प्रमाणित करने के लिए स्कॉलर रजिस्टर प्रस्तुत करने वाले अध्यापक सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर आरोपी के विरूद्ध अव्यस्क बालिका को जान से मारने की धमकी देकर कमरे में बंद करकर उसके साथ बुरी नियत से छेड़छाड़ करने के अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराकर दण्ड के प्रश्न पर तर्क रखा गया कि आरोपी द्वारा 14 वर्षीय पीडिता को कमरे में बंद करकर उसके साथ अश्लील हरकत की गई हैं, इसलिए उदाहरण स्वरूप आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किया जाये। श्री अखिलेश कुमार धाकड़, अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा द्वारा आरोपी ओमप्रकाश पिता शांतिनाथ नाथबाबा, उम्र-23 वर्ष, निवासी-ग्राम भाटखेड़ी, तहसील व थाना-मनासा, जिला-नीमच को धारा 354(ख) भादवि में 04 वर्ष का सश्रम कारावास व 500रू. जुर्माना, धारा 342 भादवि में 04 माह का सश्रम कारावास व 200रू. जुर्माना, धारा 506(2) भादवि में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 300रू. जुर्माना तथा धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट में 04 वर्ष के सश्रम कारावास व 500रू. जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 09 वर्ष 4 माह के सश्रम कारावास व 1,500रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री जगदीश चौहान, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।