मधुरवाणी इंसान की पूजा करवा सकती है - पंकजकृष्ण शास्त्री

2018-12-04 06:31:48

नीमच। नीति मनुश्य को सत्य और नीति सदैव आगे बढ़ाती है और उसकी उन्नति का मार्ग प्रषस्त करती है अनीति से कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता है इसलिये मनुश्य पुण्य परमार्थ के साथ पीड़ित मानवता की सेवा करें तो उसके जीवन का कल्याण हो सकता है मोह का उत्पन्न होना आसक्ति है मोह का क्षय होना ही मोक्ष है आत्मा अमर है मधुरवाणी इंसान की पूजा करवा सकती है तो कटु वाणी से मनुश्य की दुर्दषा हो सकती है जो व्यक्ति नीति नियम पर चलता है उसकी उन्नति होती है अनीति पर चलने वाले का पतन हो जाता है इस जीवन में जितना हो सकें, हमें दुखियों की मदद करना चाहिए । मानव जीवन बार-बार नहीं मिलेगा । यह बात पंकजकृश्ण षास्त्री महाराज ने कही वे अम्बेडकर कालोनी स्थित नारायणगिरी बाबा मंदिर प्रांगण पर दोपहर 1 से 5 बजे तक आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा के द्वितीय दिवस मंगलवार को बोल रहे थे उन्होंने कहां कि माता-पिता, गुरू, अतिथि देव समान होते है युवा वर्ग इनका सम्मान करें तभी वे जीवन में प्रगति कर सकते है यह संस्कार ही हमारी संस्कृति है कि नारी षक्ति झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, मीरा, सीता, अनुसूईया का चरित्र पढ़े और उसे जीवन में आत्मसात करें । ध्रुव ने तपस्या भक्ति कर भगवान की गोद को प्राप्त किया । सनातन हिन्दू धर्म के अनुयाई सुरक्षित रहे यह जवाबदारी भी हमारी है भौतिक संस्कार में मोह होता है यही दुख का कारण है केवल मानव जीवन से ही मोक्ष सम्भव है जड़ भरत मुर्ख बनकर रहे । मदिरा से बुराई उत्पन होती है क्रोध पीना गम खाना चाहिए कन्या दान वस्तुदान महादान है तम्बाकू गुटख कचरा है इसे कचरादान में ही डालना चाहिए । पाप का फल नरक, पुण्य का फल स्वर्ग में स्थान दिलाता है टीवी, मोबाईल पर अष्लील साम्रगी से युवा वर्ग पाष्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रहा है नारायण नाम स्मरण करने से मनुश्य जीवन से मुक्ति मिलती है हिरणाकष्यप ने भक्त प्रहलाद को खूब प्रताड़ित किया लेकिन उसने भक्ति को नहीं छोड़ा । भागवत कथा में महाराज श्री ने पृथ्वी, अजामिल, कयादु हिरणा कष्यप, चक्रवती सम्राट, भरत, पुनरंजन गौमाता, मनु महाराज राजा बलि । इस अवसर पर आरती एवं पौथी पूजन में ष्याम कुण्ड गौसेवा समिति संरक्षक पंकजकृश्ण महाराज एवं श्रीमती राधाबाई पंवार, सुन्दरबाई भगवतीप्रसाद कौषल, राखी कौषल, महेन्द्र कौषल, अजयसिंह जाट, राधेष्याम लोकेष, मालती, लीलाबाई, मिश्रीलाल बघाना, विश्णु पंवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त ने धर्मलाभ लिया । 

भजनों पर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु-

भागवत कथा के दौरान म्हारा नैना में राम समाई गयो रे......मीरा तो सांवलिया में समाई गई रे....ताहि अहीरकी छोरियां छछिया पर छाछ नाच नचाया हाथों में मेहन्दी रचा ले कन्हैया, अपनी ही दुल्हन बना ले कन्हैया.....नंद और यषोदा नाचे, थारो बहुत बड़ो उपकार....नटवर नागर नंदा भजोरे मन गोविन्दा आदि भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गये ।


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