कृति संस्था का दो दिवसीय नाट्य उत्सव संपन्न


नीमच। शहर की ख्यातनाम, साहित्यिक, सामाजिक सांस्कृतिक संस्था कृति का वार्षिक आयोजन ’कृति उत्सव 2025“ नाट्य प्रस्तुतियों के नाम रहा। जिसमें 29 मार्च शनिवार को ’दस दिन का अनशन“ की हास्य व्यंगपूर्ण आजादी के बाद की व्यवस्था पर तंज कसते प्रस्तुति हुई। दास्तान थिएटर ग्वालियर के निदेशक अयाज खान व सहायक निदेशक अफशां खान के सफल निर्देशन में ग्रुप के कलाकारों स्वयं निदेशक अयाज खान, ध्रुव यादव, विकास, सचिन किरोड़ीवाल, हिमांशु, देवांश वर्मा, प्रियांशु, मयंक, सौरभ, आशीष बामनिया, मोहित कनक उडवानी आदि द्वारा हरिशंकर परसाई की कहानी के अभिराम बडकम्पकर द्वारा किए  रूपांतरण पर आकर्षक विद्युत मंच सज्जा व हिमांशु द्वारा ध्वनि संयोजन के साथ रोचक प्रस्तुति दी गई। प्रथम दिवस सर्वप्रथम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकप्रिय विधायक दिलीपसिंह परिहार के हाथों मां सरस्वती को दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण किया गया। संस्था के अध्यक्ष इंजीनियर बाबूलाल गौड, सचिव महेंद्र त्रिवेदी, संयोजक सत्येंद्र सिंह राठौड़, डॉ जीवन कौशिक व योगेश पाटीदार भी थे। जिन्होंने मुख्य अतिथि का पुष्पहार से स्वागत किया। संस्थाध्यक्ष श्री गौड़ द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। मुख्य अतिथि विधायक श्री परिहार ने 
कृति संस्था के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया तथा नववर्ष और नवरात्रि पर्व की सभी को शुभकामनाएं भी प्रेषित की। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती मंजुला धीर द्वारा किया गया।
दो दिवसीय ’कृति उत्सव“ अंतर्गत दूसरे दिन 30 मार्च रविवार की प्रस्तुति “अन्वेषण’
जो सम्राट बुद्ध, गुप्त और महान अन्वेषक आर्यभट्ट पर केंद्रित रही। नाटक के पात्र आर्यभट्ट के रूप में ध्रुव यादव तथा सम्राट बुद्ध गुप्त की भूमिका में विकास कुमार ने अमिट छाप छोड़ी। वहीं महामात्य, चिंतामणि, चूड़ामणि, लटदेव, निशंकु सभासद सहित कुलपति की भूमिका - आशीष बामनिया, नट की भूमिका मोहित तथा नटी की कनक उडवानी ने निभाई। नाट्य प्रस्तुति की इतनी रोचक व धारा प्रवाह थी कि खचाखच भरे टाउन हॉल की सीटों पर सुधी दर्शक अंत तक ठहर से गए। दूसरे दिन के अतिथिगण समाजसेवी भारत जारोली ,तरुण बाहेती एवं दास्तान थिएटर के निदेशक अयाज खान थे। जिनका स्वागत संस्था अध्यक्ष इंजीनियर बाबूलाल गौड व सचिव महेंद्र त्रिवेदी सहित संयोजक सत्येंद्र सिंह राठौड़ ,भरत जाजू, घनश्याम अंब ने किया। स्वागत स्वागत भाषण में श्री गौड़ ने आए हुए सभी अतिथियों का शब्दों से स्वागत किया और सभी को विक्रम संवत 2082 की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाइयां दी साथ ही कहा कि नीमच की साहित्य प्रेमी जनता का इसी प्रकार हमें आशीर्वाद मिलता रहे,कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों सहित संस्था के पूर्व  वरिष्ठ,किशोर जवेरिया, ओमप्रकाश चौधरी, डॉ.माधुरी चौरसिया, डॉ.निर्मला उपाध्याय,प्रकाश भट्ट सत्येंद्र सक्सेना, डॉ.जीवन कौशिक, दर्शन सिंह गांधी , नीरज पोरवाल, डॉ. पृथ्वीसिंह वर्मा, राजेश जायसवाल, कमलेश जायसवाल, डॉ. अक्षय पुरोहित, आशा सांभर, शरद पाटीदार, तेजसिंह जैन, सतीश भटनागर, गणेश खंडेलवाल, डॉ.राजेंद्र जायसवाल, पुष्पलता सक्सेना, रेणुका व्यास, दिलीप मित्तल, डॉ. विनोद शर्मा, राधेश्याम पाटीदार, मुकेश कासलीवाल गोपाल पोरवाल नरेंद्र पोरवाल, शहर के अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी पत्रकार साथी ,कवि व्यवसाय गण शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा कलाकारों का प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। अंत में आभार सचिव महेंद्र त्रिवेदी ने माना।