नपा अध्यक्ष हत्या काण्ड का खुलासा, माँ की लाश पड़ी थी घर में और दादा ने पैसे देने से इंकार कर दिया, उसी दिन से हत्या करने का सोच लिया था , पढ़े आरोपी मनीष की जुबानी !

मंदसौर।  मंदसौर_मध्यप्रदेश के मंदसौर में नगर पालिका के अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की सरे रहा गाेली मारकर हत्या के मामले के फरार आरोपी मनीष बैरागी को प्रतापगढ़ पुलिस ने गश्त के दौरान हॉस्पिटल के बहार घूमते हुवे गिरफ्तार कर किया। प्रतापगढ़ पुलिस ने कागजी कार्यवाही के बाद मन्दसौर पुलिस को सोपा,जहां मन्दसौर पुलिस भारी सुरक्षा के बिच मन्दसौर लाई। उस पर पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स के करीब आधा दर्जन अपराध पंजीबद्ध है।अपराध की कड़ी में एक ओर अपराध जुड़ा 17 जनवरी की शाम तकरीबन 7 बजे नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार  नई आबादी स्थित पूर्व पार्षद विजय शर्मा व लोकेंद्र कुमात की दुकान के समीप खड़े थे। ऐसे में अचानक बुलेट मोटर सायकल CIU 1834 पर एक युवक आया प्रत्यक्ष दर्शी के मुताबिक पहले हत्त्यारे ने नपाध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार से नमष्कार किया चरण छुवे ओर एक के बाद एक तीन गोलियां दाग दीं। इसके बाद वह बुलेट को छोड़कर भाग गया था। आखिर मन्दसौर पुलिस ने हत्त्यारे को गिरफ्तार कर पुलिस कंट्रोल रूम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह खुलासा किया की आरोपी मनीष बैरागी ने पैसे के लेन देन को लेकर हत्त्या की,आरोपी से हत्त्या में स्तेमाल की गई 12 mm की पिस्टल 7 जिंदा कारतूस बरामद कर लिया गया है।पिस्टल देने वाला अजय जाट को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मनीष बैरागी ने बताया की नगर पालिका चुनाव 2015 में उसने दादा याने की नपा अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार के प्रचार के दौरान होडिंग्स के लिए 1 लाख पचास हजार रुपये ग़ोलु शाह को दिलवाये थे, जिसमें से गोलू शाह ने बताया कि एक लाख पच्चीस हजार वापस दे दिए गए थे शेष 25 हजार देने का वादा किया गया था परंतु आरोपी द्वारा अनेकों बार ब्याज सहित सहित लगभग ढाई लाख रुपए  मांगे जा रहे थे जिसको देने के लिए दादा यानी कि नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बुधवार मना कर रहे थे और कह रहे थे कि गोलू और अन्य उसके साथी यदि हिसाब लाते हैं तो वहां उसका पैसा वापस कर देंगे साथ ही आरोपी को यह भी उम्मीद थी कि नगर पालिका चुनाव में यदि प्रह्लाद बनवार जीतकर नगर पालिका के अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें नगर पालिका के कार्यों से जुड़ा जाएगा जिसका सीधा फायदा उसे होगा जैसे कि स्विमिंग पूल में कहीं उसे टेंडर  मिल जाता तो उसकी रोजी-रोटी चल जाती दूसरा मकान का पट्टा भी नगर पालिका अध्यक्ष नहीं दे रहे थे साथ ही उसकी गुमटी के समीप एक गुमटी और अन्य की रखवा दी। उसने एक बात और यह भी बताएं कि उसकी मां की मौत हो गई थी तब उसने नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बुधवार से पैसे मांगे तब भी उसे पैसे नहीं दिए गए साथ ही कुछ समय बाद उसके पिताजी की भी तबीयत खराब हुई तब भी उसने पैसे मांगे तब भी उसको पैसे नहीं दिए गए तो कहीं ना कहीं हेरीटेज याने की हताश होकर आरोपी मनीष बैरागी ने यह प्रण कर लिया था कि अब दुनिया में बचाई कुछ नहीं है क्योंकि पैसा ही सब कुछ उसने माना, और तेश में आकर अपने एक साथी अजय जाट से एक पिस्टल खरीदी और 10 जिंदा कारतूस लिए, उसका उसने पहले ट्रायल किया और रेकी करने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष प्रह्लाद बंधवार पर ताबड़तोड़ गोलियां दागकर सरे रहा फरार हो गया,ओर उदयपुर होता हुवा राजस्थान के प्रताबगड पहुच गया,एक सवाल के जवाब में उस ने कहा में भाजपा का कार्यकर्ता हु,ऑन लाइन सदस्यता ली है, साथ ही यहां भी कहा जिस नेता का मेने दिल से साथ दिया वो मेरे काम नही आया,तो ऐसे नेता का क्या काम।