विदुर नीतिः 4 काम जो किसी मनुष्य को अकेले नहीं करना चाहिए

कौरवों के महामंत्री विदुर का नाम ऐसे नीतिज्ञों में आता है जिनकी नीतियों ने लोगों के जीवन में कई बदलाव लाए हैं। विदुर के बारे में कहा जाता है कि उनके कथनों में नीतिमत्ता, प्रासंगकिता और निर्भीकता तीनों का समागम मिलता है। जिस समय जो कहना है, वही वचन उन्होंने कहे। इस तरह उनका नाम शास्त्रों में महान राजनीतिज्ञों में आ गया। धृतराष्ट्र को उनके द्वारा दिए गए उपदेश आज ‘विदुर नीति’ के नाम से लोकप्रिय हैं। उनकी नीतियों का पालन करके मानव मात्र अपना जीवन सफल बना सकते हैं।

स्वादिष्ट भोजन बांट कर खाना चाहिए

विदुर नीति के अनुसार, किसी भी मनुष्य को कभी भी स्वादिष्ट भोजन अकेले नहीं खाना चाहिए। ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता है, बल्कि स्वादिष्ट पकवान मिल-बांट कर खाना चाहिए। शास्त्रों में भी मिलजुल कर भोजन करने की परंपरा के बारे में बताया गया है।

एकः स्वादु न भुञ्जीत नैकः सुप्तेषु जागृयात्।
एको न गच्छेदध्वानं नैकश्चार्थान्प्रचिन्तयेत्।। 

सोते व्यक्तियों में अकेले नहीं जागना चाहिए

विदुर नीति में सोने से संबंधित महत्वपूर्ण बातों का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, यदि मनुष्य के साथ के व्यक्ति नींद के वशीभूत होकर सो रहे हों तो व्यक्ति को भी सो जाना चाहिए। सोते व्यक्तियों में अकेले जागना अच्छा नहीं माना जाता है। इसलिए बहुत से लोग सोए हों तो उनमें अकेले नहीं जागना चाहिए।

मार्ग में अकेले यात्रा नहीं करनी चाहिए

विदुर ने अपनी नीति में बताया है कि जब कभी कोई यात्रा थोड़ी सी लंबी हो तो ऐसे रास्ते पर अकेले नहीं चल पड़ना चाहिए। किसी को साथ लेकर यात्रा करना ही समझदारी होता है। किसी के साथ रहने से अगर कोई समस्या आती है तो उसका सामना करने में आसानी होती है। इसलिए कहीं जाना हो तो अकेले नहीं जाना चाहिए। मार्ग में किसी को साथ ले लेना चाहिए।

निर्णय सलाह लेकर करने चाहिए

विदुर नीति कहती है कि मनुष्य को जीवन के नीतिगत निर्णय अकेले नहीं लेने चाहिए। ऐसा करने से अक्सर आदमी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए दो-चार लोगों से राय-सलाह लेकर ही कोई फैसला लेने में बुद्धिमानी है। मनुष्य को अकेले किसी विषय या कार्य को निश्चित नहीं करना चाहिए। गूढ़ विषय पर अकेले चिंतन नहीं करना चाहिए।