2026-07-22 08:25:32
ज्ञानोदय मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटलके मैनेजमेंट ने दी सफाई जबरन हॉस्पिटल को बदनाम किया जा रहा हैँ मामला मृतक सुधीर चौहान का l
नीमच - -मरीज सुधीर पिता मनोहर लाल चौहान ज्ञानोदय मल्टीस्पेशलटी हॉस्पिटल में दिनांक 02/03/2026 को रात्रि 9:38 पर लाये गए थे। मरीज के परिजनों द्वारा अस्पताल को जानकारी दी गई की उक्त दिनांक को रात्रि 8 बजे जब सुधीर भगवान पूरा चौराहा इंदिरा नगर नीमच पर था तब एक गाय ने उसे धक्का मारा था जिससे उसे गंभीर चोटें आयी। मरीज जब ज्ञानोदय मल्टीस्पेशलटी हॉस्पिटल के इमरजेंसी यूनिट में आया था तब स्तिथि अत्याधिक गंभीर थी मरीज अचेत अवस्था में था। चिकित्सीय भाषा में (GCS -> E,V,M) मरीज के किसी हिस्से में कोई हलचल नहीं थी व दोनों आँखों की पुतलियाँ फैली हुई थी व कान से भी खून का रिसाव था।
मरीज के परिजनों को मरीज की स्तिथि के बारे में पूर्णतह अवगत करा दिया गया था की इनकी जान को खतरा है व् तुरंत ऑपरेशन करने की सलाह दी गयी थी। स्तिथि के हर पहलु को मद्देनज़र रखते हुए परिजनों द्वारा पूरी तरह हालात को समझा गया एवं मरीज के ऑपरेशन की स्वीकृति परिजनों द्वारा अस्पताल को प्रदान की गयी।ऑपरेशन के दौरान यह पाया गया की मरीज के मस्तिष्क में अत्याधिक सूजन थी व ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीज को ICU में शिफ्ट किया गया था और हर संभव प्रयास और बेहतर चिकित्सा की गई थी। किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
मरीज का आयुष्मान कार्ड होने की जानकारी परिजनों द्वारा अस्पताल को अगले दिन दिनांक 03/03/2026 को दी गई, तत्पश्च्यात मरीज की चिकित्सा को आयुष्मान योजना के अंतर्गत लिया गया ।उक्त दिनांक से पूर्व अस्पताल द्वारा जो शुल्क रु 15000/- लिया गया था, वोह मरीज की आपातकालीन जाँचों व् अन्य शुल्कों का था जो की बतौर सुरक्षा निधि आपातकालीन स्तिथि में जमा करवाया जाता है।परिजनों को मरीज की वास्तविक स्तिथि से पूर्णतह अवगत करवा दिया गया था लेकिन उनके द्वारा मरीज की मृत्यु के पश्च्यात किसी के बहकावे में आकर अस्पताल के प्रति भ्रमक जानकारी फैलाई जा रही जो की निराधार और तथ्यहीन है l
