2026-08-27 08:43:22
वीर सावरकर की 143वीं जयंती पर नीमच में गूंजे राष्ट्रभक्ति के नारे, प्रबुद्धजनों ने किया याद
नीमच। भारतीय सुभाष सेना एवं सावरकर विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में 28 मई को रेलवे स्टेशन नीमच के समीप स्थित प्रतिमा स्थल पर स्वाधीनता संग्राम के महान नायक वीर सावरकर की 143वीं जयंती गरिमामय तरीके से मनाई गई। कार्यक्रम में शहर के अनेक प्रबुद्धजनों और राष्ट्रभक्तों ने सहभागिता की।कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों एवं संस्था के पदाधिकारियों द्वारा वीर सावरकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘वीर सावरकर अमर रहे‘ और ‘भारत माता की जय‘ के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात शिव मंदिर परिसर में संस्था की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती हेमलता धाकड़ की अध्यक्षता में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।सावरकर विचार मंच के संयोजक एवं भारतीय सुभाष सेना के प्रांतीय मंत्री मधुसूदन परवाल ने वीर सावरकर के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से सावरकर जी से आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है, जो मेरे जीवन की अनमोल पूंजी है।म.प्र.भारतीय सुभाष सेना के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश गोयल ने सावरकर द्वारा किए गए राष्ट्रभक्ति के कार्यों का उल्लेख करते हुए देश के प्रति उनके योगदान को रेखांकित किया।मुख्य वक्ता कृति संस्था के ओमप्रकाश चौधरी ने सावरकर के साहित्य, राजनीति, समाजसेवा और जेल में झेले गए कठोर संघर्षों पर बात की। श्री चौधरी ने कहा कि सावरकर और उनके परिवार द्वारा किया गया त्याग और बलिदान अद्वितीय है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया था।
प्रो. आशीष सोनी ने जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी को वीर सावरकर के विचारों, सिद्धांतों और उनके अद्वितीय राष्ट्रप्रेम से अवगत कराना बेहद जरूरी है।इंजी. बाबूलाल गौड ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संसद भवन में सावरकर जी का चित्र लगाए जाने का स्मरण कराया। दया याचिकाओं (माफीनामों) के भ्रम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेज क्रांतिकारियों को इसी शर्त पर छोड़ते थे, लेकिन जेल से बाहर आते ही ये वीर पुनः देश की आजादी के आंदोलनों में सक्रिय हो जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन राजनेता सावरकर की वैचारिक शक्ति से प्रभावित और आशंकित थे, इसलिए उन्हें हिंदू महासभा के कारण मुख्यधारा से दूर रखने का प्रयास किया गया।
