नीमच आज बनेगा आध्यात्मिक चेतना का केंद्र: आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानन्दगिरी जी महाराज की विराट सनातन राष्ट्र धर्मसभा आज

नीमच, 11 जुलाई। सीमावर्ती राजस्थान से लगे मध्यप्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित लाल माटी का नगर नीमच आज एक ऐतिहासिक एवं भव्य आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। राष्ट्र उत्थान, सामाजिक कल्याण एवं विश्व शांति के पावन उद्देश्य से समस्त सनातन समाज, धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विराट सनातन राष्ट्र धर्मसभा एवं संत समागम का आयोजन किया जा रहा है।
इस भव्य आयोजन में परम् शिव उपासक, ब्रह्मनिष्ठ परिव्राजकाचार्य, प्रातः स्मरणीय, अनन्त श्री विभूषित आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री कैलाशानन्दगिरी जी महाराज, पीठाधीश्वर, दक्षिण काली पीठ हरिद्वार एवं निरंजनी अखाड़ा, का दिव्य सान्निध्य प्राप्त होगा। स्वामी जी अपने प्रेरणादायी आध्यात्मिक उद्बोधनों के माध्यम से धर्म, संस्कृति, संस्कार, राष्ट्र निर्माण, पारिवारिक मूल्यों एवं मानव कल्याण का संदेश प्रदान करेंगे।
आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से पूज्य संत-महात्मा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत श्री रविन्द्रपुरीजी महाराज, महायोगी परमहंस बावा श्री श्री 1008 कालीदास कृष्णानंदजी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी मधुसूदनानंद गिरी जी, बालमुकुन्दाचार्य जी महाराज, महामंडलेश्वर सुरेशानन्द सरस्वती जी, स्वामी सुदर्शनाचार्य जी, भागवताचार्य भीमाशंकर शास्त्री, राष्ट्रीय संत डॉ. मिथिलेश नागर एवं केंद्रीय व राज्य सरकार के उप मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता, फिल्मी अभिनेता एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही अनेकों श्रद्धालु धर्मसभा में उपस्थित होकर संतवाणी एवं आध्यात्मिक अमृत वचनों का लाभ प्राप्त करेंगे।
सनातन राष्ट्र धर्मसभा का आयोजन आज 11 जुलाई 2026, शनिवार को प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह, टाउन हॉल, दशहरा मैदान, नीमच में किया जाएगा। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
संतों का सान्निध्य देगा नई दिशा
आयोजकों के अनुसार संतों का सान्निध्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक चेतना एवं नैतिक मूल्यों का संचार करता है। धर्मसभा के माध्यम से राष्ट्र, समाज एवं मानव कल्याण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन में देशभर के संतों का पावन सान्निध्य प्राप्त होने के साथ-साथ सामाजिक, प्रशासनिक, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़ी अनेक विशिष्ट हस्तियां भी सहभागिता करेंगी।
आयोजन समिति व्यवस्था प्रमुख संतोष चौपड़ा ने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से सपरिवार धर्मसभा में उपस्थित होकर पूज्य संतों के आशीर्वाद, संतवाणी एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन का लाभ लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन, सांस्कृतिक जागरण एवं आध्यात्मिक उन्नयन का एक महत्वपूर्ण अवसर है।