बजरंगदल के हजारों कार्यकर्ता कदम ताल मिलाते हुए पूर्ण गणवेश घोष के साथ निकले नगर में

आज विश्व हिंदू परिषद बजरंग बल द्वारा नीमच के दशहरे मैदान में हजारों कार्यकर्ता इकट्ठे हुए जहां पर राष्ट्रीय कवि मालवा प्रांत विश्व हिंदू परिषद प्रांत विमर्श प्रमुख मुकेश मौलवा,विभाग मंत्री अनुपाल सिंह झाला,जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र गर्ग,जिला मंत्री कैलाश मालवीय,जिला संयोजक दुर्गेश धनगर ने मा भारती व रामदार के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।कार्यक्रम की भूमिका विभाग मंत्री अनुपाल सिंह झाला ने रखी,तत्पश्चात मुख्य वक्ता राष्ट्रीय कवि मुकेश मौलवा ने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा वन्देमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे हूए, वन्देमातरम भारती की वंदना है, वन्देमातरम राष्ट्र की चेतना है वन्देमातरम क्रांतिकारियों के ह्रदय की धड़कन रहा, वन्देमातरम राष्ट्रभक्तो का मुलमंत्र है, माँ भारती की वंदना में प्राण अर्पित करने वाले भगतसिंह नास्तिक नहीं थे, हिन्दू धर्म की रक्षा करते हूए गुरु तेगबहादुर के बलिदान को 350 वर्ष हो गए है, संघ का यह शताब्दी वर्ष है, स्व के बोध के साथ पंच परिवर्तन के सूत्र से राष्ट्र निर्माण होगा, बजरंग दल राष्ट्र शक्ति है, बजरंग दल सेवा सुरक्षा संस्कार के सूत्र के साथ राम मंदिर के बाद राष्ट्र मंदिर के निर्माण को प्रतिबद्ध है उक्त विचार बजरंग दल के शौर्य संचलन में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हूए प्रान्त विमर्श प्रमुख कवि मुकेश मोलवा ने व्यक्त किए।  अपने उदबोधन में बोलते हूए मुकेश मोलवा ने कहा कि चंद्रगुप्त, स्कण्दगुप्त, विक्रमादित्य, यशोधर्मा, बाजीराव, रविदास, बिस्मिल, केशव, माधव हमारे आदर्श है।जब भी मथुरा का कन्हैया और काशी बुलाएगी देश का युवा संकल्प के साथ जाएगा, भोजशाला हमारी आस्था है। बजरंग दल का युवा गौ गंगा गायत्री गीता की रक्षा के लिए प्रतिज्ञ है, पृथ्वीराज चौहान ने 14 वर्ष की उम्र में प्रथम युद्ध जीता, 26 की वय तक अनेक युद्ध जीतकर अपने प्राण राष्ट्रधर्म पर लुटा दिए, स्कण्दगुप्त 17 वर्ष की अवस्था में मगध के सिंहासन पर विराजे और 40 वर्षो तक राष्ट्र की रक्षा के लिए सरहद पर डटे रहे, ये वीर भारत की प्रेरणा है।कार्यक्रम का संचालन विहिप जिला सहमंत्री विनोद माली ने किया तो आभार बजरंग दल जिला संयोजक दुर्गेश धनगर ने माना।आयोजन में हजारों बजरंग दल कार्यकर्ता ,विभाग,जिला,प्रखंड,खंड के कार्यकर्ता,सामाजिक संगठन, संम वैचारिक संगठन,मातृशक्ति,प्रबुद्धजन  उपस्थित हुए।