2026-08-18 09:04:10
नीमच के हित गायब,सांसद भी नहीं बता पाए जिले को क्या मिला तो आखिर कौन देगा नीमच के हितों की गारंटी -तरुण बाहेती
सांसद सुधीर गुप्ता की प्रेस वार्ता पर तंज करते हुए कहा की यह विकास का नहीं बल्कि आंकड़ों की जादूगरी का बजट
सरकार बजट को ऐतिहासिक बताकर वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है, लेकिन जब मीडियाकर्मियों ने सांसद सुधीर गुप्ता से पूछा कि इस बजट में 'नीमच–मंदसौर जिले को क्या मिला, तो वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए"। जब सांसद को ही नहीं पता कि इस बजट में नीमच जिले को क्या सौगात है तो क्या गारंटी हैं की सांसद गुप्ता ने नीमच के हित की कोई मांग रखी भी है या नहीं? यह एक बड़ा सवाल है? यही इस बजट की असलियत है। यह तंज जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरूण बाहेती ने कसते हुए कहा कि जब सांसद को ही अपने क्षेत्र के हिस्से की जानकारी नहीं है, तो कैसे माना जाए कि वह नीमच के हित की कोई बात सरकार के मंत्रियों से करी होंगी। कैसे माना जाएं की कि उन्होंने क्षेत्र की जनता की सुविधाओं के लिए लड़ाई लड़ी होगी। बाहेती ने कहा कि नीमच जिला कई वर्षों से लंबी दूरी की ट्रेनों बाट जोह रहा हैं। विडंबना है कि सुधीर गुप्ता के सांसद बनने के 12 वर्ष बाद भी वे आज तक देश की राजधानी दिल्ली जाने के लिए नीमच को कोई ट्रेन नहीं दिलवा पाए है तो जिले की जनता कैसे माने कि यह बजट विकासोन्मुखी है। उन्होंने कहा कि आम जनता को हर बजट से जो उत्सुकता रहती है कि उनके क्षेत्र को क्या मिलने वाला है लेकिन उनके क्षेत्र में यह बजट किसान, मजदूर, युवा और मध्यम वर्ग—चारों वर्गों को निराश करने वाला है। महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार ने एक बार फिर आंखें मूंद ली हैं। बजट भाषण में बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीन पर राहत देने वाली कोई ठोस योजना नजर नहीं आती।जिला कांग्रेस अध्यक्ष बाहेती ने कहा सरकार को आखिर ऐसी क्या जरूरत पड़ी की बजट वाले दिन बजट प्रसारण के लिए बड़े-बड़े स्क्रीन लगानी पड़ी। सांसदों को प्रेस कांफ्रेंस करके खुद अपनी पीठ थपथपानी पड़ रही है जबकि पहले के बजट में ऐसा कभी नहीं हुआ की भाजपा संगठन को बजट की खूबियां बताने के लिए संगठन स्तर पर पदाधिकारी नियुक्त करने पड़े। इसका मतलब यह है कि आम जनता को ना सरकार पर और ना ही उनके नुमाइंदो पर अब भरोसा नहीं रहा है। बाहेती ने कहा की महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी चरम पर है और किसान कर्ज व लागत के बोझ तले दबा हुआ है, लेकिन बजट में इन ज्वलंत मुद्दों पर सरकार ने एक बार फिर आंखें मूंद ली हैं। बजट भाषण में बड़े-बड़े दावे जरूर किए गए, लेकिन जमीन पर राहत देने वाली कोई ठोस और प्रभावी योजना नजर नहीं आती। श्री बाहेती ने कहा, सरकार बार-बार पूछ रही है कि बजट ऐतिहासिक क्यों है, लेकिन जनता सवाल कर रही है, महंगाई क्यों नहीं घटी, रोजगार कहां हैं और किसान की आय कब दोगुनी होगी? उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में कॉरपोरेट घरानों को खुलकर रियायतें दी गई हैं, जबकि आम आदमी को सिर्फ आश्वासनों का पुलिंदा थमा दिया गया है। उन्होंने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी, युवाओं के लिए स्थायी रोजगार और महंगाई पर नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर बजट पूरी तरह मौन है। नीमच जैसे कृषि प्रधान जिले के लिए न तो कोई विशेष पैकेज घोषित किया गया है और न ही किसी नई बड़ी परियोजना की घोषणा की गई है, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिल सके। श्री बाहेती ने तंज कसते हुए कहा कि अगर वास्तव में बजट में जनता के लिए राहत होती, तो सांसद को प्रेसवार्ता में जवाब देने में कोई हिचक नहीं होती। आखिर अब कौन नीमच के हितों की गारंटी देगा। सवालों से बचना और जवाब न दे पाना खुद इस बजट की पोल खोलता है। यह स्पष्ट करता है कि यह विकास का नहीं, बल्कि आंकड़ों की जादूगरी का बजट है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि कांग्रेस इस जनविरोधी बजट की सच्चाई को गांव-गांव और शहर-शहर जनता के सामने उजागर करेगी। उन्होंने कहा कि जिस बजट में अपने ही क्षेत्र का हिसाब न हो, वह जनता के हित में नहीं हो सकता। कांग्रेस नीमच के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ती रहेगी।
